रेत की पाटी मा मनसा लेखी की क्या पाई तिन
सुख देखि सुप्न्यो मा-२ देखी की क्या पाई रे तिन
रेत की पाटी मा मनसा लेखी की क्या पाई तिन
चकड़ैत की ऐंची ऐंची, लोफेलयी गेनी फलिंडा-२
बाटम बरमुण्ड रेचि रेचि की क्या पाई रे तिन -२
रेत की पाटी मा मनसा लेखी की क्या पाई तिन
मन जब मिल गे छात, डोल्यायों ते डस गेनी-२
जोत संजोग का सारा, बैठी की क्या रे तिन -२
रेत की पाटी मा मनसा लेखी की क्या पाई तिन
सुख देखि सुप्न्यो मा-२ देखी की क्या पाई रे तिन
रेत की पाटी मा मनसा लेखी की क्या पाई तिन
चकड़ैत की ऐंची ऐंची, लोफेलयी गेनी फलिंडा-२
बाटम बरमुण्ड रेचि रेचि की क्या पाई रे तिन -२
रेत की पाटी मा मनसा लेखी की क्या पाई तिन
मन जब मिल गे छात, डोल्यायों ते डस गेनी-२
जोत संजोग का सारा, बैठी की क्या रे तिन -२
रेत की पाटी मा मनसा लेखी की क्या पाई तिन
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