Tuesday, August 20, 2019

तम्बाकू पिजा ब्वारी तम्बाकू पिजा

तम्बाकू पिजा ब्वारी तम्बाकू पिजा -२ 

ब्वारी की नो छे कीड़ी , उगड़ी नि सगदी सीडी
ब्यो हुआ द्वी दिन नि व्हेनी, बण्डल फुकदी बीड़ी 
तम्बाकू पिजा ब्वारी तम्बाकू पिजा

नोना की नो छे चंदरू, भेर लग्यु छे चंदरू 
तो छोरो कू जगह पोड़ी, फरका तों माँ मंगरु 
तम्बाकू पिजा ब्वारी तम्बाकू पिजा

नेगी जी रेत की पाटी मा मनसा लेखी की क्या पाई तिन

रेत की पाटी मा मनसा  लेखी की क्या पाई तिन 
सुख देखि सुप्न्यो मा-२  देखी की क्या पाई रे तिन 
रेत की पाटी मा मनसा  लेखी की क्या पाई तिन 

चकड़ैत की ऐंची ऐंची, लोफेलयी गेनी फलिंडा-२ 
बाटम बरमुण्ड रेचि रेचि की क्या पाई रे तिन -२ 
रेत की पाटी मा मनसा  लेखी की क्या पाई तिन 

मन जब मिल गे छात, डोल्यायों ते डस गेनी-२ 
जोत संजोग का सारा, बैठी की क्या  रे तिन -२ 
रेत की पाटी मा मनसा  लेखी की क्या पाई तिन 


तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी तेरी स्वाणी गल्वाड्यूं की चोंठी मा सांच्यो पुरणी वो प्रीत सजीं च जनी

संगीत...........................१२३ तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा  तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा  मेरा मुलके की रीत बसीं च...