संगीत.............१२३
ब्यखुनी कू घाम अछ्ले भी नि च
रात घना घोर व्हे गे फे र
बथों मा द्द्यु बल्यूं च तेल नि रयूं च
आंदी के नि औंदी दों सूबे र
ब्यखुनी कू घाम अछ्ले भी नि च
संगीत.............१२३
केकु घेंट होली झूटा सुपिन्यों की माला
संगीत.............१२३
केकु घेंट होली झूटा सुपिन्यों की माला
केकु करी आस बिराणी बिराणी
केकु करी आस बिराणी
रात भी नी खुली छे कि टूटी ग्ये वो सुपिन्या
मन मा ही रे ग्येनी गाणी
ब्याखुनी कू घाम अछ्ले भी नि च
संगीत.............१२३
इनु पोड़ी बजर खरैयाँ सरु गों कू
संगीत.............१२३
इनु पड़ी बजर खरैयाँ सरु गों कू
निरभागी व्हेग्यों मि भग्यान भग्यान
निरभागी व्हे ग्यों मि भग्यान
देंवी की लगाईं आग कन क्वे बुझाण
मेमा त आंसू भी नि रयां न
ब्याखुनी कू घाम अछ्ले भी नि च
राती घना घोर व्हे गे फे र
बथों मा द्द्यु बल्यूं च तेल नि रयूं च
औंदी के नि औंदी दों सूबे र
औंदी के नि औंदी दों सूबे र
औंदी के नि औंदी दों सूबे र
ब्यखुनी कू घाम अछ्ले भी नि च
रात घना घोर व्हे गे फे र
बथों मा द्द्यु बल्यूं च तेल नि रयूं च
आंदी के नि औंदी दों सूबे र
ब्यखुनी कू घाम अछ्ले भी नि च
केकु घेंट होली झूटा सुपिन्यों की माला
संगीत.............१२३
केकु घेंट होली झूटा सुपिन्यों की माला
केकु करी आस बिराणी बिराणी
केकु करी आस बिराणी
रात भी नी खुली छे कि टूटी ग्ये वो सुपिन्या
मन मा ही रे ग्येनी गाणी
ब्याखुनी कू घाम अछ्ले भी नि च
इनु पोड़ी बजर खरैयाँ सरु गों कू
संगीत.............१२३
इनु पड़ी बजर खरैयाँ सरु गों कू
निरभागी व्हेग्यों मि भग्यान भग्यान
निरभागी व्हे ग्यों मि भग्यान
देंवी की लगाईं आग कन क्वे बुझाण
मेमा त आंसू भी नि रयां न
ब्याखुनी कू घाम अछ्ले भी नि च
राती घना घोर व्हे गे फे र
बथों मा द्द्यु बल्यूं च तेल नि रयूं च
औंदी के नि औंदी दों सूबे र
औंदी के नि औंदी दों सूबे र
औंदी के नि औंदी दों सूबे र
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