Sunday, June 14, 2026

तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी तेरी स्वाणी गल्वाड्यूं की चोंठी मा सांच्यो पुरणी वो प्रीत सजीं च जनी

संगीत...........................१२३
तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा 
तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा 
मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी
मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी
तेरी स्वाणी गल्वाड्यूं की चोंठी मा.......
संगीत......
सांच्यों पुरणी वो प्रीत सजीं च जनी
सात्यो पुरणी वो प्रीत सजीं च जनी
मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी
 
संगीत...........................१२३
बांसुली की भोंण  मा नचदा गुयेर
कखी घास बणों मा कटदा घसेर
संगीत...........................१२३
बांसुली की भोंण मा नचदा गुयेर
कखी घास बणों मा कटदा घसेर
जनी जुनक्याली रात्यों की जून वा.......
संगीत......
भेल पाख्यों का गीत ब्वनी च जनी
भेल पाख्यों का गीत ब्वनी च जनी
मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी
 
संगीत...........................१२३
मंगल्येर गदिन्युसी मांगल लगाणी  
इनी भली मिट्ठी तेरी बोलणी बच्याणी
संगीत...........................१२३
मंगल्येर गदिन्युसी मांगल लगाणी   
इनी भली मिट्ठी तेरी बोलणी बच्याणी
तेरी घुन्घर्याली लटूल्यू का खैल मा.......
संगीत......
रौली घाट्यू की प्रीत बसीं च जनी
रौली घाट्यू की प्रीत बसीं च जनी
मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी
 
संगीत...........................१२३
रैबार्या चखुल्यो सी रैबार ल्यांदी
कछीडी मा ब्यटूलों सी छ्विं लगांदी
संगीत...........................१२३
रैबार्या चखुल्यो सी रैबार ल्यांदी  
कछीडी मा ब्यटूलों सी छ्विं लगांदी  
 
तेरी गुन्द्क्याली गात ता रूप मा.......
संगीत......
मेरी गढ़भूमि व्हीं त बसीं च जनी
मेरी गढ़भूमि व्हीं त बसीं च जनी
तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा 
तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा 
मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी
मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी
तेरी स्वाणी गल्वाड्यूं की चोंठी मा
सांच्यों पुरणी वो प्रीत सजीं च जनी
सांच्यों पुरणी वो प्रीत सजीं च जनी
मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी
मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी
मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी
 
 
 
 
 
SONG LINK:
https://www.youtube.com/watch?v=EQXI3mxkg9U









KARAOKE LINK:

https://youtu.be/ZAydpKwICyA

 
 
 

 
 
 
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तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी तेरी स्वाणी गल्वाड्यूं की चोंठी मा सांच्यो पुरणी वो प्रीत सजीं च जनी

संगीत...........................१२३ तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा  तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा  मेरा मुलके की रीत बसीं च...