Thursday, February 8, 2018

अपड़ी तों शरम्यली आंख्यु दय्यखण द्दया जरा इना त देखा II सुरेश वाडेकर जी गढ़वाली गीत II SURESH WADEKAR JI GARHWALI SONG II

अपड़ी तों शरम्यली आंख्यु
अपड़ी तों शरम्यली आंख्यु
दय्यखण द्दया जरा इना त देखा
ओ दय्यखण द्दया जरा इना त देखा
तुम्हरी शमणि शरम च ओणि
हम थैं भारी शरम च ओणि
पेली तुम जरा उना त देखा
ओ पेली तुम जरा उना त देखा
कब तके शार्माणी लुकणी राली ब्योली
कब तके शार्माणी लुकणी राली ब्योली
कभी त आलू बसंत कभी त हैन्सली फ्योली 
संगीत...................१२३
रुखा डांडा व्हे जाला हेरा
रुखा डांडा व्हे जाला हेरा
जरा सी तुम यूं जना त देखा
हो जरा सी तुम यूं जना त देखा
हो तुम्हरी शमणि शरम च ओणि
पेली तुम जरा उना त देखा
ओ पेली तुम जरा उना त देखा
 
शरम भी तुम्हरी च आन्ख्यूं मा भी तुम्ही
शरम भी तुम्हरी च आन्ख्यूं मा भी तुम्ही
जिकुड़ी मा कु भरी माया कोटि कोटि घूमी 
संगीत...................१२३
भैर भीतर तुम्हरी मूरत
भैर भीतर तुम्हरी मूरत
क्या जी करा अब कना जी देखा 
ओ क्या जी करा अब कना जी देखा 
अपड़ी तों शरम्यली आंख्यु
दयाखण दया जरा इना त देखा
दयाखण दया जरा इना त देखा
 
छोड़ा दय्यणा छन लोग हाथ यनु ना खिंचा 
हमर गों मा रिवाज शरमाणु कू निचा 
छोड़ा दय्यणा छन लोग हाथ यनु ना खिंचा 
हमर गों मा रिवाज शरमाणु कू निचा
दूर डांडयूं का पार लीजा पा हम सणि 
चला उडी जोला द्वी का द्वी पंछी बणी
पंछी बणी पंछी बणी
डाल्यूं का टुख बणोला घोल
डाल्यूं का टुख बणोला घोल
सुख ही सुख होलू जना भी देखा
हो सुख ही सुख होलू जना भी देखा

KARAOKE LINK:
 


No comments:

Post a Comment

तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी तेरी स्वाणी गल्वाड्यूं की चोंठी मा सांच्यो पुरणी वो प्रीत सजीं च जनी

संगीत...........................१२३ तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा  तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा  मेरा मुलके की रीत बसीं च...