Thursday, December 11, 2025

ओ भिना कसीके जानू द्वारीहटा हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा


संगीत......................................१२३
ओ भिना कसीके जानू द्वारीहटा
ओ भिना कसीके जानू द्वारीहटा
हो हो
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
हो स्याली
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
ओ भिना कसीके जानू द्वारीहटा
ओ भिना कसीके जानू द्वारीहटा
हो स्याली
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
हो स्याली
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
 
संगीत......................................१२३
आंग में अंगड़ी नी छो कसीके जानू द्वारीहटा
आंग में अंगड़ी नी छो कसीके जानू द्वारीहटा
वैं दरजी वैं चिढोंल द्वारीहटा
वैं दरजी वैं चिढोंल द्वारीहटा
हो स्याली
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
हो स्याली
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
ओ भिना कसीके जानू द्वारीहटा
ओ भिना कसीके जानू द्वारीहटा
हो स्याली  
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
हो स्याली  
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
 
संगीत......................................१२३
नाक में नथुली नि छों कसिके जानू द्वारीहटा
नाक में नथुली नि छों कसिके जानू द्वारीहटा
वें सुनार वें गडोंल द्वारीहटा
वें सुनार वें गडोंल द्वारीहटा
हो स्याली
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
हो स्याली 
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
ओ भिना कसीके जानू द्वारीहटा
ओ भिना कसीके जानू द्वारीहटा
हो स्याली 
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
हो स्याली 
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
 
संगीत......................................१२३
ख्वार मा पिछोड़ी नि छो कसिके जानू द्वारीहटा
ख्वार मा पिछोड़ी नि छो कसिके जानू द्वारीहटा
वें बणीया वें बणोंल द्वारीहटा
वें बणीया वें बणोंल द्वारीहटा
हो स्याली
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
हो स्याली 
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
ओ भिना कसीके जानू द्वारीहटा
ओ भिना कसीके जानू द्वारीहटा
हो स्याली 
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
हो स्याली 
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
 
संगीत......................................१२३
गों पता नी भली जब दुर्गापुरी द्वारीहटा
गों पता नी भली जब दुर्गापुरी द्वारीहटा  
हिट कौतिग दुर्गापुरी दूहीहटा
हिट कौतिग दुर्गापुरी दूहीहटा
हो स्याली 
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
हो स्याली 
हिट हिटा कौतिग जानू द्वारीहटा
ओहो
हिट कौतिग दुर्गापुरी दूहीहाटा
ओहो
हिट कौतिग दुर्गापुरी दूहीहाटा
ओहो
हिट कौतिग दुर्गापुरी दूहीहाटा
ओहो
हिट कौतिग दुर्गापुरी दूहीहाटा
ओहो
हिट कौतिग दुर्गापुरी दूहीहाटा
 
 














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तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा मेरा मुलके की रीत बसीं च जनी तेरी स्वाणी गल्वाड्यूं की चोंठी मा सांच्यो पुरणी वो प्रीत सजीं च जनी

संगीत...........................१२३ तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा  तेरी रतन्याली आन्ख्यूं की भोंर्यूं मा  मेरा मुलके की रीत बसीं च...